िशा ौंखला
पभाव
खती
े काDegradation
Soil
मदा
ृ रण पर
#
३ #2
पाका (पोफशनल
अलायस
े
ं फॉर कौसवशन एगीक#चर)
सरण
खती
क) भलाई के िलए
े -िकसान और पयावरण
+
ं
े का पभाव मदा
खती
ृ रण पर
िशा शंखला # ३
भूिम संसाधन का उपयोग और ूबंधन के तरक पर िमट
क उ!पादन मता और उसक ःथायी &प म' अपना काय)िनवा)ह करने क श-. िनभ)र करती है . भारत म' ६०% भूिम
पर खेती क जाती है इसिलए खेती तरको का, कृ -ष-पार9ःथित
क सेहत और संसाधन के कुशल उपयोग पर सीधा असर
पड़ता है . अिधकतर <कसान के पास छोटे खेत होने क
वजह से, उनके >ारा अपनाये गए तरके उनक आमदनी और
आजी-वका से जुड़े होते ह@ , इसिलए यह समझना ज़&र है क
इन तरक का िमट क सेहत पर Cया असर पड़ता है .
साथ ह, यह समझना भी ज़&र है <क <कस ूकार के नए
तरके अपनाये जाय' 9जनके >ारा <कसान क आमदनी के
साथ-साथ संसाधन क 9ःथित म' सुधार हो.
<कसान आमतौर पर वह फसल और फसल बम अपनाता
है जो उसके पूवज
) अपनाया करते थे. फसल और फसल-बम
<कसी भी ःथान <क जलवायु, िमट, वषा), और बाज़ार <क
9ःथित के अनुसार -वकिसत होती है . ऐसा दे खा गया है क
आजी-वका के अवसर को Hयान म' रखकर ह <कसानो >ारा
नए तरके अपनाये जाते ह@ . उIह' संसाधन <क -बगढ़ती
9ःथित का भी अनुमान है , जैसे <क, िमट <क उ!पादन
श-., भू-जल ःतर, और जैव--व-वधता म' कमी. इसिलए यह
समझाना ज़&र है <क कौन से खेती तरके <कस ूकार
संसाधन क 9ःथित म' िगरावट ला रहे ह@ , ता<क कुछ नए
तरक का -वकास हो और उIह' अपनाने के िलए <कसान
को बढ़ावा <दया जाये. इन तरक >ारा संसाधन का रण
कम होगा और उ!पादकता बढ़े गी. इस बात का Lयाल
रखना होगा <क उन वैक9Mपक तरक को अपनाया जाये जो
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े का पभाव मदा
खती
ृ रण पर
िशा शंखला # ३
ःथायी खेती म' अपना योगदान द' सके. इसिलए यह लेख
इसी उNे ँय से िलखा गया है .
जताई
के तरीके
ु
ज़मीन <क जुताई करना एक पारं पQरक तरका है 9जसका
उNे ँय िमटट म' सह जगह (नमी के अनुसार) बीज बोना
और अTछU फसल का होना होता है . <कसान के अनुसार
जुताई के कई फायदे ह@ , जुताई >ारा बीज को अंकुQरत होने
के िलए सह वातावरण िमलता है और खरपतवार िनयंऽण म'
भी मदद िमलती है . जुताई के तरके, फसल ूकार पर,
जुताई के पारं पQरक यंऽ पर, और मशीन पर िनभ)र करते ह@ .
वैWािनक सबूत के अनुसार, बार-बार जुताई करने से
ऑCसीकरण <क माऽ और गित बढ़ती है और काब)िनक
पदाथ) नY होते ह@ .
गहन जुताई >ारा िमटट क जै-वक मता म' कमी आना
Source:
http://www.drylandfarming.org/Farming%20Zones%20in%20WANA/Cereal%20zone/Fa
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े का पभाव मदा
खती
ृ रण पर
िशा शंखला # ३
काब)िनक पदाथ) िमट का एक महZवपूण) <हःसा ह@ और
इनक कमी से िमट के काय)-िनवा)ह पर गहरा असर पड़ता
है 9जससे िमट क़ , पौध को पोषक तZव ूदान करने <क
श-. कम होती है . साथ ह, काब)िनक पदाथ) घटने से वषा),
वायु और मशीन के चलने से, िमट का रण बढ़ता है .
जब गीली िमट क़ जुताई होती है (चावल क़ खेती म')
ू
तब िमट के संमT
ु चय (ढ़े र ) टटते
ह@ और उसक पानी को
रोक कर रखने क़ और पौध को उपल^ध करने क़ मता कम
होती है .
िमटट एकऽीकरण का िमटट >ारा पानी को सोखने क मता पर ूभाव
Source: http://www.kwaad.net/CrustInfiltration.jpg
कम वषा) वाले ेऽ म' अCसर भूिम क़ जुताई के बाद, गम_
के मौसम म' उसे खाली रखा जाता है , 9जससे हवा >ारा उसका
कटाव बढ़ता है . -व`भर म' यह ःथा-पत हो चुका है क जुताई
>ारा िमट और पया)वरण का रण बढ़ता है इसिलए ऐसे
ू
वैक9Mपक तरके ढढने
ज़&र ह@ 9जनके >ारा जुताई क़ वजह
से होने वाला रण कम <कया/रोका जा सके.
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िशा शंखला # ३
पोषक तव पबंधन के तरीके
-पछले पांच-छः दशक म' <कसानो ने िमट क़ उव)रता और
पैदावार बढ़ाने के िलए रासायिनक खाद का उपयोग बढ़ा
<दया और इसी वजह से गोबर खाद और पौध से तैयार खाद
कम माऽा म' उपयोग म' लाया गया. रासायिनक खाद >ारा
फसल क़ माऽा तो बढ़ परIतु, उसके अनुिचत इःतेमाल के
तरक के कारण, पया)वरण पर होने वाले ूभाव िचंता का
कारण बन गए ह@ . रासायिनक खाद >ारा संसाधन का रण
बढ़ रहा है , जैसे जलाशय और भू-जल का ूदषण
ू , जी. एच. जी.
(GHG) उ!सज)न, सेहत पर ूितकूल पQरणाम. साथ ह, कृ -षपाQर9ःथितक क़ अनाज उ!पादन मता, जैव--व-वधता, और
जल ूदान करने क़ श-. कम हो गयी है .
िनdनिल9खत वे तरके ह@ जो संसाधन के रण म' योगदान
दे ते है :
•
काब)िनक पदाथe क माऽा म' कमी: कdपोःट खाद
का उपयोग कम होने के कारण िमट म' काब)िनक
पदाथe क माऽा म' कमी आ रह है . इस कमी क़
वजह से, बाहर पोषक त!व जो िमट म' िमलाये
जाते ह@ उनका भी कुशलता से उपयोग नहं हो पाता.
दसर
ओर, िमट के भौितक, रासायिनक, और
ू
जै-वक गुण म' भी कमी आती है .
•
फसल अवशेष को जलाना: फसल अवशेष को
जलाने से महZवपूण) पोषक त!व का नाश तो होता
ह है , साथ ह वायु ूदषण
और जी. एच. जी. (GHG)
ू
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ृ रण पर
िशा शंखला # ३
उ!सज)न भी बढ़ता है . यह 9ःथित पया)वरण के िलए
हािनकारक है .
•
खाद का असंतिु लत और अनुिचत उपयोग:
अिधकतर <कसान सह Wान और सह सलाह के
आभाव म' और सह वईत और क मत पर खाद क
उपल^धता न होने से अनुिचत तरके से खाद का
इःतेमाल करते ह@ . इसके फलःव&प, खाद का कुशल
उपयोग संभव नहं होता और संसाधन रण बढ़ता है .
अकुशल उपयोग से रासायिनक खाद क माऽा बढती
है और फसल क पैदावार कम होती है . इतना ह नहं
इन ूयोग >ारा भू-जल और जलाशय का पानी
ूद-षत
होता है . नाइशोजन यु. खाद नाइशोजनू
आCसाइड उ!सज)न करते ह@ जो क , जी. एच. जी.
(GHG) उ!सज)न का महZवपूण) <हःसा ह@ .
जल पबंधन तरीके
खेती के िलए पानी महZवपूण) संसाधन है परIतु अCसर इसके
अनुिचत ूबंधन और उपयोग के कारण इससे िमट का रण
होता है . कुछ अनुिचत ूबंधन के तरके यहाँ <दए गए ह@ :
•
िसंिचत ेऽ म' िमट क सतह पर पानी <दया
जाता है , खेत य<द समतल न ह तो बहत
ु माऽा म'
पानी बबा)द हो जाता है और पौध >ारा उपयोग म'
नहं लाया जाता. नए तरको म' िछडकाव और <सप
िसंचन >ारा सह माऽा म' िसंचाई होती है और पानी
का इYतम उपयोग होता है .
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ृ रण पर
•
िशा शंखला # ३
सह समय और सह माऽ म' िसंचाई न होने से भी
पानी का पूण) उपयोग नहं हो पाता. पानी और -बजली
िमलने क अिन9mतता के कारण अCसर <कसान खेत
म' ज़nरत से oयादा पानी डालते ह@ .
•
ऐसे ःथान म' जहाँ नहर से िसंचाई होती है , नहर
म' से आते हए
ु बहत
ु सारा पानी बबा)द हो जाता है .
भू-जल का ःतर कुछ इस ूकार बढ़ जाता है क िमट
क उपर सतह तक पानी भर जाता है और इससे लवण
िमट पर जमने लगते ह@ और रण बढ़ता है .
खेत म' इकpठा पानी फसल क पैदावार को कम करता है
और साथ ह िमटट क सतह को नमक न बनाता है
Source: http://www.ent.iastate.edu/images/practices/tillage/conventional/erosion.jpg
•
कम वषा) वाले ेऽ म' भू-जल >ारा िसंचाई होती है ,
इस वजह से उसम' घुले लवण िमट म' जमने लगते
ह@ . अ!यिधक माऽा म' लवण होने से िमट के
भौितक, रासायिनक और जै-वक गुण म' बदलाव आता
है और िमट क उ!पादन श-. कम होती है . एक
तरफ जहाँ भू-जल का ःतर भी घट रहा है वहr दसर
ू
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े का पभाव मदा
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ृ रण पर
िशा शंखला # ३
ओर पानी का खारापन बढ़ रहा है जो क खेती के
िलए एक गंभीर समःया है .
नमक ूभा-वत िमटट क सतह
Source: http://images.google.co.in/imgres
"
जलवायु प!रवतन
जलवायु पQरवत)न के कारण साधन का रण और भूिम का
बंज़र होना बढ़ता जा रहा है . बाQरश के कुल <दन म' कमी,
दो बाQरश के बीच बढ़ता अंतराल, मानसून के शु& होने और
ख़!म होने के समय म' अिन9ँतता, वषा) क बढती तीोता
और तापमान म' बढ़त, इ!या<द, जलवायु पQरवत)न के मुLय
असर ह@ . इन वजह से िमट का रण, और पानी और हवा
>ारा उसका कटाव और भी बढ़ रहा है .
पाका - िकसान और पयावरण
क) भलाई के िलए
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े का पभाव मदा
खती
ृ रण पर
िशा शंखला # ३
मृदा-कटाव के अलग-अलग ूकार
Source: http://saferenvironment.files.wordpress.com/2009/08/soil-erosion-1.jpg
इIह कारण से वत)मान खेती तरको को, और <कन तरक >ारा
रण बढ़ रहा है , यह समझना ज़&र है . ता<क, नए तरके
अपनाये जा सक' 9जनके >ारा कम से कम रण हो औए
संसाधन का संरण हो.
Cover Picture Source:
http://www.forestry.gov.uk/images/cchg_drought_soil.jpg/$FILE/cchg_drought
_soil.jpg
पाका - िकसान और पयावरण
क) भलाई के िलए
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े का पभाव मदा
खती
ृ रण पर
िशा शंखला # ३
िशा शंख
ृ ला के बारे म#
पाका स,थान
, सरण
खती
े के ते म/ योगदान दनेे का पयास कर रही है. इस
ं
ं
पयास का एक मह4वपण
िह,सा
है, किष
म/ िकसान7 क) मता को बढ़ाना.
ं
ू +
ृ सरण
इसी बात को :यान म/ रखते हए; एक िशण शखला
क) रचना क) गयी है िजसमे
ृं
किष
और पायोिगक @िA से
ै
ृ के िलए मह4वपण
ू +, कछ
ु चनुे हए; िवषय7 को वचा?रक
शािमल िकया गया है. सरल भाषा और िचत7 का उपयोग करते हए; िलखी जाने के
कारण Cयादा से Cयादा िकसान इसका उपयोग कर सकग
/ .े पाका Dारा, इस िशा
शख
ं ला का अय ,थानीय भाषाओँ म/ भी पकाशन िकये जाने क) उGमीद है. भारत
क) प?रि,थितय7 को :यान म/ रखते हए; इस शंखला म/ जानकारी दी जा रही है और
पाका का यह पयास रहगा
े क) किष
ृ क) @Aी से सभी मह4वपण
ू + िवषय7 को इसम/
शािमल िकया जाये.
पाका के बारे म#
किष
े े हए;,
ृ के बढ़ते मह4व और इसी िवषय म/ लोग7 क) घटती िदलच,पी को दखत
पाका जसी
का िनमाण
ै स,थान
+ हआ
ं
ु , किष
ृ के िलए उपयोगी भिम
ू का
; है. खाK सरा
अय कायL के िलए उपयोग, जलवायु प?रवतन+ का असर, और िकसान7 क) घटती
आमदनी को दखत
े े हए;, ये िवषय िकसान7 और िनित िनधारक7
+ के िलए गभीर
ं िचता
ं
का कारण बन रहे हN. पाका स,थान
, किष
ं
ृ के तरीक7 म/ बदलाव लाने वाली एक
स,था
दोन7 का भला करने के
+
ं के Oप म/, खाK सरा
ु बढाकर, मनQय
ु और पयावरण
िलए आगे आ रही है. यह स,था
और सामािजक िसSात7
ै
ं , वRािनक
ं पर आधा?रत
तरीक7 को अपनाते हए;, अय स,थाओ
किष
ं
ं के साथ जड़कर
ु
ृ क) ज़Oरत7 को परा
ू
करगी
े . कासा (CASA) और सोसाइटी,टैड (SocietySTADD) के सहयोग और
समथन+ ने पाका को एक ऐसे मचं के Oप म/ ,थािपत िकया है, िजसके Dारा किष
ृ से
जड़ुे सभी िहतधारक7 को, किष
ृ ते क) िबगडती ि,थित को ठीक करने के िलए
प?े रत िकया जायगा
े . ऐसी आशा है क) पाका एक ऐसी स,था
े जो किष
ं रहगी
ृ क)
उनित के िलए काय+ करने वाले dयिeय7 और स,थान7
को परे णा दती
े रहगी
े .
ं
पाका (पोफशनल
अलायस
े
ं फॉर कौसवशन एगीक#चर)
1st Floor, NASC प?रसर, डीपीएस माग+, पसा
ू , नई िद#ली - 110 012
दरभाष
ू : 011-45132119/09810112773
वबसाइट
: www.conserveagri.org
े
ईमल
े : [email protected]
9
JULY 2010
पाका - िकसान और पयावरण
क) भलाई के िलए
+
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